अमेरिका के बाहर के थर्ड-पार्टी स्टोर अब गूगल के कार्यक्रम के लिए आवेदन कर सकते हैं, जो 1 दिसंबर से शुरू होगा, सालाना 10,000 डॉलर शुल्क लेगा और एंड्रॉइड 17 के नवीनतम बिल्ड मांगता है।

Ars Technica की 27 अक्टूबर 2026 की रिपोर्ट के अनुसार, गूगल ने अपने Registered App Stores कार्यक्रम के लिए आवेदन खोल दिए हैं, जिसके तहत अमेरिका के बाहर के योग्य थर्ड-पार्टी एंड्रॉइड ऐप स्टोर प्लेटफ़ॉर्म पर तरजीही व्यवहार के लिए आवेदन कर सकते हैं। मंज़ूर स्टोर गूगल प्ले जैसे अनुभव में एक क्लिक से ऐप इंस्टॉल करने देंगे और ऐप्स को बैकग्राउंड में चुपचाप अपडेट भी कर सकेंगे। गूगल के एक प्रवक्ता ने कहा कि मार्च में घोषित यह कार्यक्रम एंड्रॉइड की सुरक्षा बनाए रखते हुए थर्ड-पार्टी स्टोर को उपयोगकर्ताओं तक पहुँचने का आसान रास्ता देता है, और सरल इंस्टॉलेशन अनुभव इस साल के अंत में उपयोगकर्ताओं तक पहुँचेगा।

कार्यक्रम 1 दिसंबर से शुरू होगा और दर्जनों देशों के लिए प्रस्तावित है, यानी अमेरिका और यूरोप के बाहर दुनिया के अधिकांश हिस्से। Ars Technica के अनुसार अमेरिका में एपिक गेम्स मामले में गूगल की हार के बाद अदालती आदेश से वैकल्पिक स्टोर गूगल प्ले के ज़रिए वितरित होते हैं, जहाँ अभी तक केवल Aptoide सूचीबद्ध है। रजिस्टर्ड ऐप स्टोर मूल रूप से गूगल की वैकल्पिक योजना थे, और अदालत के संकेत के बाद कि वह इसे मंज़ूर नहीं करेगी, गूगल और एपिक ने उन पर आधारित समझौता वापस ले लिया। आवेदकों को बौद्धिक संपदा की रक्षा करनी होगी, अवैध सामग्री हटानी होगी, गोपनीयता नीति प्रकाशित करनी होगी, सुरक्षा उपाय जारी रखने होंगे, अंग्रेज़ी में दस्तावेज़ देने होंगे और अपने ऐप्स की प्रतियाँ अपलोड करनी होंगी, साथ ही समीक्षा से पहले 10,000 डॉलर का वार्षिक शुल्क देना होगा; मैलवेयर संबंधी समस्या मिलने पर अतिरिक्त शुल्क संभव है।

इस कार्यक्रम की व्यावहारिक पहुँच सीमित हो सकती है। समर्थन केवल एंड्रॉइड 17 के नवीनतम बिल्ड चलाने वाले उपकरणों पर काम करेगा, जिसकी शुरुआत Android 17 QPR2 से होगी, जो Ars Technica के अनुसार आने वाले हफ़्तों में पिक्सल फ़ोन पर अपेक्षित है। गूगल समर्थित अधिकांश क्षेत्रों में पिक्सल नहीं बेचता, और उन बाज़ारों के फ़ोन अक्सर धीमे अपडेट पाते हैं, इसलिए बहुत से फ़ोन को शायद कभी संगत अपडेट न मिले। ये जानकारियाँ एक अकेली टेक-प्रेस रिपोर्ट और गूगल प्रवक्ता के बयान पर आधारित हैं, और कार्यक्रम शुरू होने पर समय-सारणी बदल सकती है।