नासा ने 29 अक्टूबर को हबल स्पेस टेलीस्कोप की कक्षा ऊँची करने, उसकी सर्विसिंग या सुरक्षित निपटान के व्यावसायिक विकल्प जानने के लिए सूचना हेतु अनुरोध जारी किया; इसके 2033–2034 के आसपास वायुमंडल में लौटने का अनुमान है।

नासा ने 29 अक्टूबर को एक सूचना हेतु अनुरोध (Request for Information) जारी किया, ताकि यह जाना जा सके कि हबल स्पेस टेलीस्कोप की कक्षा में सर्विसिंग के लिए व्यावसायिक उद्योग क्या क्षमताएँ दे सकता है। एजेंसी के अनुसार, दस्तावेज़ तीन संभावित गतिविधियों में रुचि माँगता है: हबल को ऊँची कक्षा में पहुँचाकर उसका वैज्ञानिक जीवन बढ़ाने का मिशन, उसकी क्षमताएँ बढ़ाने के लिए सर्विसिंग, या मिशन के अंत में सुरक्षित, नियंत्रित पुनःप्रवेश अथवा कक्षीय निपटान। उत्तर सोमवार, 30 नवंबर को अमेरिकी पूर्वी समय के अनुसार दोपहर 3 बजे तक भेजे जा सकते हैं।

नासा प्रशासक जेरेड आइज़कमैन ने कहा कि हबल के सामने अभी महत्वपूर्ण विज्ञान बाकी है और एजेंसी को उसे सक्रिय रखने के हर उचित अवसर पर विचार करना चाहिए; कक्षा में पहले से मौजूद उपकरण का जीवन बढ़ाने के किफ़ायती तरीकों की पड़ताल होनी चाहिए। विज्ञान मिशन निदेशालय की सहयोगी प्रशासक निकी फ़ॉक्स ने कहा कि व्यावसायिक उद्योग ने उपग्रहों को पकड़ने और उनकी सर्विसिंग की नई क्षमताएँ तेज़ी से विकसित की हैं, और नासा हबल को ऊँची कक्षा में उठाने की संभावनाएँ तलाशना चाहती है, जबकि वह उसके उत्तराधिकारी प्रमुख मिशन को विकसित कर रही है। RFI केवल जानकारी जुटाने का चरण है; नासा की घोषणा एजेंसी को किसी मिशन या अनुबंध के लिए बाध्य नहीं करती।

समय-सीमा का कारण भौतिकी है। निचली पृथ्वी कक्षा के सभी यानों की तरह हबल भी वायुमंडलीय घर्षण से धीरे-धीरे ऊँचाई खो रहा है और अपनी कक्षा बनाए रखने के लिए उसके पास अपना प्रणोदन तंत्र नहीं है। नासा के विश्लेषण के अनुसार उसका पुनःप्रवेश 2033 से 2034 के बीच संभावित है, इसलिए एजेंसी का अनुमान है कि कोई भी बचाव मिशन 2032 तक होना होगा। 1990 में प्रक्षेपित और यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी के सहयोग से संचालित हबल का प्रबंधन नासा का गोडार्ड स्पेस फ़्लाइट सेंटर करता है, जबकि वैज्ञानिक संचालन स्पेस टेलीस्कोप साइंस इंस्टीट्यूट संभालता है। यह रिपोर्ट नासा की अपनी घोषणा पर आधारित है।